विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिक्स की बैठक में कोरोना को लेकर दिया बयान
भारत ने ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग में इस बात पर महत्त्व दिया कि कोरोना वायरस महामारी के चलते पैदा खतरे के असर को कम करने के लिए बिज़नेस को पक्ष देने की आवश्यकता है। इससे सामना करने के साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा सके कि रोजी रोटी की क्षति न हो।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम गठित पांच प्रमुख देशों के ब्रिक्स समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक में यह बात कही बैठक में कोरोना संक्रमण से लड़ने में पारस्परिक मदद को और ज्यादा गहरा बनाने पर बल दिया गया । इस दौरान उन्होंने कहा कि आर्थिक और राजनीतिक संरचना को आकार प्रदान करने में इस समूह का अहम योगदान है। ब्रिक्स एक योग्य समूह है जो 3.6 अरब लोगों का निरूपण करता है। इस समूह की कुल जीडीपी 16 हजार 600 अरब डॉलर है। ब्रिक्स समूह के सभी देश अभी कोरोना संक्रमण से त्रस्त हैं।
इसी के साथ ही जयशंकर ने कहा कि हमें कोरोना संक्रमण के दौरान बिजनेस की सहायता करने और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि लोग अपना कमाई नहीं गवांएं। उन्होंने कहा कि इस घातक महामारी और इससे पैदा चुनौतियों ने बहुस्तरीय प्रबंध में सुधार की आवश्यकता को रेखांकन किया है।
RANJANA